आत्मकथन

'इस रात की सुबह है' - अविनाश | छाया: राज पाण्डेय | सौजन्य: क्यूग्राफी |

इस रात की सुबह है: अविनाश

हमारे 'इस रात की सुबह है' इस मज़मून के अंतर्गत, लेखिका अपूर्वा कटपटल ने नागपूर के २३ वर्षीय अविनाश की आपबीती को अनुलेखित किया है: कहते है हर इंन्सान में कुछ ऩ क... Read More...
तस्वीर: अर्णब नंदी; सौजन्य: QGraphy

“इस रात की सुबह है”: आकाश की कहानी

"इस रात की सुबह है", इस श्रुंखला के अंतर्गत हम आपको हमारे वाचकों द्वारा भेजे गए आत्मकथन प्रस्तुत करते हैं। भारत के लैंगिकता और जिन्सी अल्पसंखकों की कहानियों मे... Read More...