सन्नी मंघानी (Sunny Manghani)

दोस्ती की नई परिभाषा

अब हम अच्छे दोस्त हैं और मुझे नहीं लगता कि दुनिया में दोस्ती से बड़ा कोई रिश्ता हो सकता है क्योंकि इसके कोई दायरे या सीमाएँ नहीं होती
आधा इश्क (८/१०) | तस्वीर: राज पाण्डेय | सौजन्य: QGraphy

कहानी : स्वीकार

सुरेश उसकी सच्चाई नहीं जानता था इसलिए गुरमीत को डर था कि कहीं वो उसे खो ना दे क्योंकि इससे पहले गुरमीत ने कभी खुद को इतना खुश और कम्फ़र्टेबल महसूस नहीं किया था
men and taj mahal

कहानी: बचपन का प्रेम

"जब किसी की तरफ दिल झुकने लगे, बात आकर ज़बाँ तक रूकने लगे, आँखों-आंखों में इकरार होने लगे,बोल दो अगर तुम्हें प्यार होने लगे, होने लगे... होने लगे" क्या इतन... Read More...

कहानी : पहली मुलाक़ात

कुछ तो बात थी उसमें, वर्ना घर से इंटरव्यू का बहाना बनाके, 500 किलोमीटर की दूरी तय करना, मुझ जैसे डरपोक इंसान के लिए मुमकिन नहीं था। हाँ, मैं उससे मिला, जब प... Read More...

कहानी : करेला – दो युवाओं की प्रेम कहानी

शरद को भरवां करेले पसंद थे। भरवां करेले देख कर संभव के टिफ़िन पर वो ऐसे टूट पड़ता मानो कि भिखारी को खज़ाना मिल गया हो। शरद और संभव एक ही कॉलेज में पड़ते थे और ... Read More...

सन्नी मंघानी (Sunny Manghani)

सन्नी एक शिक्षक है