गे कहानी

'वापसी' (२/२) | तस्वीर: ग्लेन हेडन |

“वापसी” एक शृंखलाबद्ध कहानी (भाग २/२)

कहानी की पहली किश्त यहाँ पढ़ें। उसका घर, घर जैसा था। फिर बातें हुई, बहुत-सी बातें, कुछ जरुरी थी, कुछ ग़ैर-जरुरी, कुछ याद हैं, बहुत-सी नहीं भी। उन बातो का सार यही... Read More...
'वापसी' (१/२) | तस्वीर: क्लेस्टन डीकोस्टा | सौजन्य: क्यूग्राफी |

“वापसी” एक शृंखलाबद्ध कहानी (भाग १/२)

एक सपना हर रात आता है। अँधेरा-सा कॉरिडोर है। कोने पर लिफ्ट है। गरदन झुकाये मैं चला जा रहा हूँ। आवाज़ आती है।  "एक ही प्रेस करना, ज़ीरो नहीं।"  कोई चेहरा नहीं। बस ... Read More...
'पॉल एक गाथा' (७/८) | तस्वीर: फेबियन हार्टवेल | तस्वीर केवल प्रस्तुतीकरण हेतु'पॉल एक गाथा' (७/८) | तस्वीर: फेबियन हार्टवेल | तस्वीर केवल प्रस्तुतीकरण हेतु|

“पॉल – एक गाथा” – श्रृंखलाबद्ध कहानी (भाग ७/८)

 यह एक वास्विक घटनाओ से प्रेरित परन्तु काल्पनिक कहानी है। तस्वीरें केवल प्रस्तुतीकरण हेतु हैं और उनमें दर्शाए गए लोगों का कथा से कोई संबंध नहीं है। इस कहानी की ... Read More...

“पॉल – एक गाथा” – श्रृंखलाबद्ध कहानी (भाग ५/८)

कहानी 'पॉल एक गाथा की पिछली कड़ियाँ यहाँ पढ़ें: भाग १ | भाग २ | भाग ३ | भाग ४ | प्रस्तुत है भाग ५: इतना सुनकर इंस्पेक्टर थोडा ठंडा पड़ गया। और डॉक्टर से कहा, ... Read More...
'पॉल एक गाथा' (४/८) | तस्वीर: फेबियन हार्टवेल |

“पॉल – एक गाथा” – श्रृंखलाबद्ध कहानी (भाग ४/८)

कहानी 'पॉल एक गाथा की पिछली कड़ियाँ यहाँ पढ़ें: भाग १ | भाग २ | भाग ३ | प्रस्तुत है भाग ४: उसने बताया कि पॉल सेकंड इयर का स्टूडेंट था। कॉलेज में ही स्थित होस... Read More...
'पॉल एक गाथा' (३/८) | तस्वीर: फेबियन हार्टवेल |

“पॉल – एक गाथा” – श्रृंखलाबद्ध कहानी (भाग ३/८)

कहानी 'पॉल एक गाथा की पिछली कड़ियाँ यहाँ पढ़ें: भाग १ | भाग २ | प्रस्तुत है भाग ३: उसने मेरी तरफ देखा और मुस्कराते हुए अपना हाथ मेरी तरफ बढ़ा दिया। मैंने भी उस... Read More...
पॉल एक गाथा (२/८) | तस्वीर: फेबियन हार्टवेल |

“पॉल – एक गाथा” – श्रृंखलाबद्ध कहानी (भाग २/८)

कहानी 'पॉल एक गाथा' की पहली किश्त यहाँ पढ़ें। प्रस्तुत है भाग २: डॉक्टर के आने के बाद मैं उनके पीछे-पीछे राउंड पर था। वो हर एक मरीज़ के पास रुककर उससे बात करते थ... Read More...
'इस रात की सुबह है' - अविनाश | छाया: राज पाण्डेय | सौजन्य: क्यूग्राफी |

इस रात की सुबह है: अविनाश

हमारे 'इस रात की सुबह है' इस मज़मून के अंतर्गत, लेखिका अपूर्वा कटपटल ने नागपूर के २३ वर्षीय अविनाश की आपबीती को अनुलेखित किया है: कहते है हर इंन्सान में कुछ ऩ क... Read More...
'नर्म हाथ' - एक लघुकथा | तस्वीर: ग्लेन हेडन

नर्म हाथ (एक लघुकथा)

इतने सालो में सब बदल गया होगा: उसकी हँसी, उसकी बातें, सब बदल गया होगा। अब वो मिले तो शायद मुझे नए सिरे से अपनी तलाश शुरू करनी होगी... कि 'वो है... या नहीं ?'।
कहानी: 'वह थोडा अलग था' | तस्वीर: कार्तिक शर्मा | सौजन्य: क्यूग्राफी

‘वह थोडा अलग था’: एक कहानी (भाग ३/३)

श्रुंखलाबद्ध कहानी 'वह थोड़ा अलग था' की पहली और दूसरी कड़ी पढ़ें। प्रस्तुत है कहानी की तीसरी और आखरी किश्त: मैंने बात को न बताने के लिहाज से बात बदली, ‘‘अरे यार ... Read More...
तस्वीर: अविक राय | सौजन्य: क्यूग्राफी

‘वह थोडा अलग था’: एक कहानी (भाग २/३)

कहानी 'वह थोडा अलग था' का पहला भाग यहाँ पढ़ें। प्रस्तुत है भाग २: नौवीं की पढाई पूरी हुयी तो हम लोग दसवीं में आ गये। मोहन और मानसी अब भी मेरे साथ ही पढते थे। जु... Read More...