रिश्ते

'संगिनी' - एक कहानी (भाग ५/५) | छाया: भावेश कतीरा | सौजन्य: क्यूग्राफ़ी |

‘संगिनी’ (श्रृंखलाबद्ध कहानी भाग ५/५)

कहानी की पिछली कड़ियाँ यहाँ पढ़ें: भाग १ | भाग २ | भाग ३ | भाग ४ | प्रस्तुत है कथा का पाँचवा और आखरी भाग: मनीषा को कौन सा इस बात का जवाब पता था लेकिन मनीषा की व... Read More...
“बुज़ुर्ग हैं, क्षीण नहीं” | छाया: राज पाण्डेय | सौजन्य: क्यूग्राफी |

“बुज़ुर्ग हैं, क्षीण नहीं” – “सीनेजर्स” वयस्क सम/उभय/अ लैंगिक पुरुषों का प्रेरणादायक संगठन

मुंबई के बांद्रा इलाके में थडोमल शहाणी अभियन्त्रिक महाविद्यालय में २१ जनवरी २०१८ को शाम ४ से ७ बजे तक एक अनोखा कार्यक्रम हुआ। “सीनेजर्स” (अंग्रेजी शब्द ‘टीनेजर्... Read More...
'संगिनी' - एक कहानी (भाग ४/५) | छाया: भूपेश कौरा | सौजन्य: क्यूग्राफ़ी |

‘संगिनी’ (श्रृंखलाबद्ध कहानी भाग ४/५)

कहानी की पिछली कड़ियाँ यहाँ पढ़ें: भाग १ | भाग २ | भाग ३ | डॉक्टर सीमा की बात सुन श्याम ने हैरत से मनीषा की तरफ देखा। उसे इस बात पर आश्चर्य हुआ। मनीषा ने शर्म से ... Read More...
'संगिनी' - एक कहानी (भाग ३/५) | छाया: श्रेयांस जाधव | सौजन्य: क्यूग्राफ़ी |

‘संगिनी’ (श्रृंखलाबद्ध कहानी भाग ३/५)

धर्मेन्द्र राजमंगल की कहानी ‘संगिनी’के पिछले २ भाग यहाँ पढ़ें: | भाग १ | भाग २ | प्रस्तुत है भाग ३: श्याम इस इशारे को समझ गया था। उसने बेड से उठते हुए कहा, ‘‘क... Read More...
'संगिनी' - एक कहानी (भाग १/५) | छाया: पीनल देसाई| सौजन्य: क्यूग्राफ़ी |

‘संगिनी’ (श्रृंखलाबद्ध कहानी भाग २/५)

कहानी की पहली कड़ी यहाँ पढ़ें। सोचती थी कि भगवान ने उसका मन ऐसा क्यों बनाया जो लड़की होकर भी एक लड़की को चाहने का मन करता है। क्यों ऐसी भावनायें उसके अन्दर भर दीं ... Read More...
'संगिनी' - एक कहानी (भाग १/५) | छाया: अविजित चक्रवर्ती | सौजन्य: क्यूग्राफ़ी |

‘संगिनी’ (श्रृंखलाबद्ध कहानी भाग १/५)

जब से मनीषा की शादी तय हुई तभी से उसकी बेचैनी सातवें आसमान पर थी। उसने सपने में भी शादी के बारे में नहीं सोचा था। वो तो शादी करना ही नहीं चाहती थी। उसने सीधे अप... Read More...
'वापसी' (२/२) | तस्वीर: ग्लेन हेडन |

“वापसी” एक शृंखलाबद्ध कहानी (भाग २/२)

कहानी की पहली किश्त यहाँ पढ़ें। उसका घर, घर जैसा था। फिर बातें हुई, बहुत-सी बातें, कुछ जरुरी थी, कुछ ग़ैर-जरुरी, कुछ याद हैं, बहुत-सी नहीं भी। उन बातो का सार यही... Read More...
'वापसी' (१/२) | तस्वीर: क्लेस्टन डीकोस्टा | सौजन्य: क्यूग्राफी |

“वापसी” एक शृंखलाबद्ध कहानी (भाग १/२)

एक सपना हर रात आता है। अँधेरा-सा कॉरिडोर है। कोने पर लिफ्ट है। गरदन झुकाये मैं चला जा रहा हूँ। आवाज़ आती है।  "एक ही प्रेस करना, ज़ीरो नहीं।"  कोई चेहरा नहीं। बस ... Read More...
'नर्म हाथ' - एक लघुकथा | तस्वीर: ग्लेन हेडन

नर्म हाथ (एक लघुकथा)

इतने सालो में सब बदल गया होगा: उसकी हँसी, उसकी बातें, सब बदल गया होगा। अब वो मिले तो शायद मुझे नए सिरे से अपनी तलाश शुरू करनी होगी... कि 'वो है... या नहीं ?'।
तस्वीर: ग्लेन हेडन

सेनगुप्ता अंकल (एक श्रद्धांजलि)

तस्वीर: क्लेसटिन डीकॉस्टा; सौजन्य: QGraphy आज सेनगुप्ता अंकल गुज़र गए। सेनगुप्ता अंकल मेरे पड़ोसी हैं। १९७२ में जब हमारी बिल्डिंग बनी थी, मेरे माता-पिता और सेनग... Read More...
लेखक भूषण कोरगावकर

लावणी के ठाठ, ‘सम्मति’ का पाठ: एक मुलाक़ात, भूषण कोरगावकर के साथ!

लावणी महाराष्ट्र की प्रसिद्द गान और नृत्य कला है| धर्म, राजनीति, मुहब्बत और समाज जैसे संवेदनशील विषयों पर, दोहरे अर्थ के शब्दों से कई बार लैस, लावणी एक कामुक, शृंगारिक कला प्रकार है जो मनोरंजन के माध्यम से अपना सन्देश प्रेक्षकों तक बखूबी पहुंचाता है।
Sagar & Rajesh - A Story

‘सागर और राजेश’ – एक कहानी (भाग १/२)

सागर और राजेश: एक कहानी। तस्वीर: सचिन जैन। शुक्र है दुकानों में खरीदारों की भगदड़ नहीं मची थी। सागर के चश्मे पर भांप जम गई। अभी-अभी वह ४२२ नंबर की ठंडी ए.सी. ब... Read More...