Issue 10 on 2014 October 31

इस अंक का विषय है 'स्वीकृति'। तस्वीर: बृजेश सुकुमारन।

संपादकीय १० (३१ अक्तूबर, २०१४)

इस अंक का विषय है 'स्वीकृति'। तस्वीर: बृजेश सुकुमारन। इस अंक का विषय है 'स्वीकृति'। 'एक अनुकरणीय आदर्श' में लेते हैं २ दिन पहले हुए विश्व-प्रसिद्द 'ऍपल' कंपन... Read More...
विश्व-प्रसिद्द 'ऍपल' कंपनी के सी.ई.ओ. श्री टिम कुक

एक अनुकरणीय आदर्श

विश्व-प्रसिद्द 'ऍपल' कंपनी के सी.ई.ओ. श्री टिम कुक विश्व-प्रसिद्द 'ऍपल' कंपनी के सी.ई.ओ. श्री टिम कुक ने कल प्रकटीकरण किया और समलैंगिक होने की बात बताई। किसी ... Read More...
आमिर खान, सत्यमेव जयते पर

समलैंगिकों का स्वीकारा: ‘सत्यमेव जयते’ द्वारा

आमिर खान, सत्यमेव जयते पर आमिर खान के शो सत्यमेव जयते से लोगों में समलैंगिकों के प्रति आदर सम्मान और स्वीकार्यता बढ़ी या नहीं इसका प्रतिशत निकालना मुश्किल हो... Read More...
नदी ने कहा समंदर से...

‘समंदर और नदी’ – एक कविता

हरवंत कौर चार दशकों से शायरी लिख रहीं हैं। सरल भाषा में वह अपनी भावनाएँ बख़ूबी व्यक्त करती हैं। प्रस्तुत है 'एहसास' नामक संग्रह से उनकी एक कविता: समंदर ने कह... Read More...
'सूर्योदय के इंतज़ार में'

‘फ़रिश्ते कगार पर’ – एक तस्वीरी मज़मून

इस बार पेश करते हैं तस्वीरी मज़मून (फोटो-स्टोरी) छायाचित्रकार अभिजीत अलका अनिल का।  सात साल समाजकार्य के क्षेत्र में रहने के बाद, अभिजीत ने जनवरी २०१४ में फ्रीला... Read More...
ज़वारे का जन्मस्थल: 'बाई गुलबाई मैटरनिटी होम', कराची

मेरी कहानी मेरी ज़बानी : ज़वारे टेंगरा (भाग १/७)

मेरा नाम जवारे टेंगरा है। मैं कराची, पाकिस्तान में जन्मा, पला और बढ़ा समलैंगिक हूँ। यह मेरी कहानी का पहला भाग है। १९६२ में मेरा जन्म पाकिस्तान के कराची शहर के ज... Read More...