Photo-essay

'सूर्योदय के इंतज़ार में'

‘फ़रिश्ते कगार पर’ – एक तस्वीरी मज़मून

इस बार पेश करते हैं तस्वीरी मज़मून (फोटो-स्टोरी) छायाचित्रकार अभिजीत अलका अनिल का।  सात साल समाजकार्य के क्षेत्र में रहने के बाद, अभिजीत ने जनवरी २०१४ में फ्रीला... Read More...