Dharmesh

Why I Did Not Celebrate Father’s Day

A lot of children of alternative sexuality and gender identity are raped by their fathers, uncles, brothers, cousins so as to be ‘cured’. Where do we place these fathers? What respect do they deserve?
अवध गर्वोत्सव २०१७

‘इलज़ाम अब हटा लो!’: पहला अवध गर्वोत्सव लखनऊ में बखूबी संपन्न

ये गर्वोत्सव था हमारी अस्मिता का, पहचान का। गर्वोत्सव था अपने देह के अधिकार का। गर्वोत्सव था अपने इश्क के इज़हार का, अपने होने के एहसास का।

Dharmesh

Writer

धर्मेश (chaubeydharmesh0@gmail.com) इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हैं और स्वयं को एक लेखक और अनुवादक के रूप में स्थापित कर रहे हैं। धर्मेश 'रक़्स' (facebook.com/raqsallahabad) से जुड़े हैं, जो इलाहाबाद में वैकल्पिक जेंडर एवं लैंगिकता पर काम कर रही है।