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तस्वीर: ग्लेन हेडन

सेनगुप्ता अंकल (एक श्रद्धांजलि)

तस्वीर: क्लेसटिन डीकॉस्टा; सौजन्य: QGraphy आज सेनगुप्ता अंकल गुज़र गए। सेनगुप्ता अंकल मेरे पड़ोसी हैं। १९७२ में जब हमारी बिल्डिंग बनी थी, मेरे माता-पिता और सेनगुप्ता अंकल ने ९वी मंजिल पर फ्लैट लिए थे। हम थे लिफ्ट के एक तरफ “९ई” में, तो वे दूसरी तरफ “... Read More...
आधा इश्क (८/१०) | तस्वीर: राज पाण्डेय | सौजन्य: QGraphy

‘आधा इश्क़’ – एक कहानी (भाग ८/१०)

श्रुन्खलाबद्ध कहानी 'आधा इश्क' की पहली पाँच किश्तें यहाँ पढ़ें: भाग १| भाग २  | भाग ३ | भाग ४ | भाग ५ | भाग ६ | भाग ७ |  प्रस्तुत है इस कथा का आठवां भाग: आज आखरी पेपर था। परीक्षाएं ख़त्म हो गईं थीं और कॉलेज हमेशा के लिए बंद होने को था, यह सोचकर सारे... Read More...
'आधा इश्क' (भाग ७/१०) | तस्वीर: कार्तिक शर्मा | सौजन्य: QGraphy

‘आधा इश्क़’ – एक कहानी (भाग ७/१०)

'आधा इश्क' (भाग ७/१०) | तस्वीर: कार्तिक शर्मा | सौजन्य: QGraphy श्रुन्खलाबद्ध कहानी 'आधा इश्क' की पहली छः किश्तें यहाँ पढ़ें: भाग १ | भाग २ | भाग ३ | भाग ४ | भाग ५ | भाग ६ प्रस्तुत है इस कथा का सातवां भाग: नीरज दूर से यह सब देखकर हँसने लगा। उसकी ... Read More...
'लिहाफ मेरे मोहल्ले में | छाया: बिनीत पटेल | सौजन्य: QGraphy

लिहाफ़ मेरे मोहल्ले में…

'लिहाफ मेरे मोहल्ले में '| छाया: बिनीत पटेल | सौजन्य: QGraphy हमारे घर के सामने एक छोटी-सी किताबों की दुकान/ लायब्रेरी हुआ करती थी। किताबों की छोटी-सी दुकान में खूब खचाखच पुराने नए अफ़साने, ग़ज़ल, और कहानियों से भरी किताबें और नॉवेल। ५० पैसे और  १ ... Read More...
आधा इश्क (भाग ६ / १०) | छाया: राज पाण्डेय | सौजन्य: QGraphy

‘आधा इश्क़’ – एक कहानी (भाग ६/१०)

आधा इश्क (भाग ६ /१०) | छाया: राज पाण्डेय | सौजन्य: QGraphy श्रुन्खलाबद्ध कहानी 'आधा इश्क' की पहली पाँच किश्तें यहाँ पढ़ें: भाग १| भाग २ | भाग ३ | भाग ४ | भाग ५ प्रस्तुत है इस कथा का छटवां भाग: “चलो अब रक्षाबंधन मनाते हैं” राकेश ने चिल्लाते हुए ... Read More...
'उन्होंने कहा था'

‘आधा इश्क़’ – एक कहानी (भाग ५/१०)

"आधा इश्क" | तस्वीर: अविजीत  इन्द्रजीत चक्रवर्ती  | सौजन्य: QGraphy श्रुन्खलाबद्ध कहानी 'आधा इश्क' की पहली चार किश्तें यहाँ पढ़ें: भाग १ | भाग २ | भाग ३| भाग ४ प्रस्तुत है इस कथा का पाँचवा भाग: “नीरज, तुम बताओ तो क्या हुआ है? ऐसी क्या तकलीफ है, ... Read More...

काकी – एक कहानी

'काकी', तस्वीर: बेनी सैम मैथ्यू , सौजन्य: QGraphy प्रदीप ग्रामीण क्षेत्र अधिकारी में था। चूंकि उसकी यह प्रथम पदस्थापना थी, और वह शहरी क्षेत्र से था, इसलिये वह स्वयं को वहाँ ढाल नहीं पा रहा था। कुछ तो उसे अपने शिक्षित होने का गर्व था तो कुछ सरकारी न... Read More...

विश्वविद्यालय में ट्रांसजेंडर होना

जब से मैंने होश सम्भाला तब से मैं अपनी असली पहचान की खोज में बटकता रहा। जीवन में ऐसे कई मोड़ आये जब कुछ समझ नहीं आता था कि मेरी असली पहचान क्या है। लेकिन मैंने कभी शिक्षा का  दामन  नहीं छोड़ा। मैं  हमेशा यह महसूस करता था कि मेरे अंदर कोई औरत मौजूद ह... Read More...
तस्वीर: राज पाण्डेय, सौजन्य: QGraphy

‘उन्होंने कहा था’: स्वगत कथन

तस्वीर: राज पाण्डेय, सौजन्य: QGraphy ये बातें उस दौर की हैं जिसे गुज़रे ज्यादा समय नहीं बीता है। पर इतना कुछ बदल चुका है, कि ये बातें किसी और ही सदी की लगती हैं, जो लोगों की आँखों से बच कर निकल गयी हैं। जिसे जाननेवाला, पहचाननेवाला, कोई बचा नही... Read More...
ताज महल - एक लघुकथा | छाया: कार्तिक शर्मा | सौजन्य: QGraphy

ताज महल (एक लघुकथा)

ताज महल - एक लघुकथा | छाया: कार्तिक शर्मा | सौजन्य: QGraphy "तुमने ताज महल देखा है?" "हाँ।" "ऐसे नहीं.... रात को ?" "नहीं। क्यों ?" "पच्चीस साल पहले ,मेरी..." "मै चौबीस का हूँ।" "सुनो ना... पच्चीस साल पहले मेरी पोस्टिंग आगरा मे थी। उन दिनों आ... Read More...
‘आधा इश्क़’ – एक कहानी (भाग ४/१०) | छाया: कार्तिक शर्मा | सौजन्य: QGraphy

‘आधा इश्क़’ – एक कहानी (भाग ४/१०)

‘आधा इश्क़’ – एक कहानी (भाग ४/१०) | छाया: कार्तिक शर्मा | सौजन्य: QGraphy श्रुन्खलाबद्ध कहानी 'आधा इश्क' की पहली तीन किश्तें यहाँ पढ़ें: भाग १    |    भाग २   |   भाग ३ प्रस्तुत है इस कथा का चौथा भाग: “तुमने आजतक मुझे कुछ नहीं बताया। कुछ बताओ न अप... Read More...
'रिवाज' - एक कविता | छाया: आकाश मंडल | सौजन्य: QGraphy

‘रिवाज’ – एक कविता

'रिवाज' - एक कविता | छाया: आकाश मंडल | सौजन्य: QGraphy कई दिनो से वो एक दुसरे को जानते थे अच्छी तरह न सही पर एक दूसरे के अस्तित्व में होने को तो वो जानते ही थे । उन्होंने एक दूसरे का चेहरा नहीं देखा था न  एक दूसरे के नाम से वाक़िफ़ थे पर ... Read More...