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50 साल से चलती आ रही प्राइड का महत्त्व

LGBTQIA + समुदाय के सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए स्टोनवॉल में 50 साल पहले जो नींव रखी गयी, उसपर आइए नज़र डालते हैं कि हम समावेशिता, प्रतिच्छेदन और स्वीकृति के संदर्भ में कहां आए हैं। हर साल आयोजित होने वाले अभिमान मार्च हम... Read More...

यूएनएड्स और एलजीबीटी फाउंडेशन कर रहे हैं एलजीबीटीआई लोगों की खुशी और यौन संबंध पर संक्षिप्त सर्वे

यूएनएड्स और एलजीबीटी फाउंडेशन ने एलजीबीटीआई लोगों के लिए खुशी, सेक्स और जीवन की गुणवत्ता का मूल्यांकन करने के लिए एक ऑनलाइन सर्वेक्षण शुरू किया है। यह सर्वेक्षण अपनी तरह का पहला, एलजीबीटीआई लोगों के सामने आने वाली चुनौतियों में अधिक जानकारी और ... Read More...

प्रारूप राष्ट्रीय शिक्षा नीति ट्रांसजेंडर छात्रों और उनकी आवश्यकताओं के बारे में बात करती है

मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) द्वारा विभिन्न हितधारकों के साथ परामर्श के बाद तैयार की गई प्रारूप राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2019, जिसे जनता से टिप्पणियों के लिए रखा गया है, इसमें एक खंड शामिल है जो ट्रांसजेंडर छात्रों और इसकी जरूरतों पर ध्यान क... Read More...
Masked Man at Pride

कविता : मुझको मुझसे मिलने दो

एक अरसा हुआ अब तो मुझको मुझसे मिल लेने दोइस समाज और इस सोच से अब तो कुछ पल चैन की मुझको भी जी लेने दो। कैसे समझाऊँ कि कितना तड़प रहा हूँ? इस झूठी पहचान को खुद पर थोपते -थोपते, अब तो मुझे भी खुले आसमान के नीचे बाहें अपनी फैला लेने दो।एक अरसा हुआ अ... Read More...

“लड़का हुआ या लड़की?” सुनिए एक इंटर-सेक्स व्यक्ति की कहानी, उनकी ज़बानी

डेनियल मेंडोंका मुंबई में रहने वाले एक इंटरसेक्स व्यक्ति हैं। इंटरसेक्स व्यक्ति में जन्म से ही पुरुष और महिला दोनों के प्रजनन अंग होते हैं। इंटरसेक्स लोगों में भी काफी विभिन्नता पायी जाती है - कुछ इंटरसेक्स लोगों में अस्पष्ट जननांग या आंतरिक यौन अंग... Read More...

कहानी : रेनकोट

रवि : "मैंने बताया होगा मेरे TCS के दोस्त वरुण के बारे में; जो मुझे बुक्स दिया करता था।"  बारिश हो रही थी सो आज दोनों को एक ही ऑटो करना पड़ा था; शौर्य एक अरसे से उसी बैंक में था और रवि एक आई टी कंपनी छोड़ किसी तलाश में वहाँ आया था; फिर उसने शादी... Read More...

कहानी : वजूद

क्या राजपूत होना गुनाह है? अगर राजपूत हो तो क्या आपको “मर्द” होना ही होगा? इस से कम कुछ मंज़ूर नहीं? कुछ भी नहीं!! दुनिया के लिए वही सच है, जो उनकी आँख देखती है और उनकी आँखों को दिखाने के लिए मेरा “मर्द” होना बहुत ज़रूरी था। वरना अंगुली न केवल मेरे ... Read More...

मुग़ल दौर का वह नंगा फ़क़ीर जिसे एक लड़के से मोहब्बत थी

दिल्ली की मशहूर जामा मस्जिद के निचे एक लाल रंग की मज़ार है।वह मज़ार है सूफी संत सरमद शहीद कशानि की। जब आप इनकी कहानी सुनेंगे तो आप अपने दोस्तों में, जानने वालों में, इनके बारे में बात ज़रूर करेंगे। आपका ज़्यादा वक़्त न लेते हुए मैं सीधी इनकी कहानी पर आता... Read More...

कहानी: चादरे

मुझे याद है, मैं और वरुण उन सफ़ेद चादरों के नीचे परछाइयाँ बनाया करते थे, टॉर्च की रौशनी में। कुत्ता, बिल्ली जब कुछ ना बने तो भूऊऊत। उसका हसता हुआ चेहरा जिसे मैं आज तक नहीं भूला, हर चीज़ धुँधला गयी है पर उसका चेहरा वैसा का वैसा है यादो में। मेरा ... Read More...

एक ट्रांस लड़के की व्यथा

मुझे आज भी याद है वो दिन... जब मैं लड़कों के साथ स्कूल में बैठने के लिए तरसता रहता था।रोना आ जाता था लड़किओं के संग बिठाते थे तो। कुछ समझ नहीं पाया था वो पहला पीरियड का दाग जो पैंट पर लगा था।बहुत गुस्सा आता था जब कोई मुझे लड़की कह कर बुलाता था। और मेरे... Read More...

कविता : गुड़िया

गुड़ियाएं मेरे हर राज़ की राज़दार थीकपड़े से बनी, मोटी आँखों वालीअनगढ़ अंगों वाली और हमेशा हँसने वालीजब से बड़ा हुआ, मैंने हर अपना दुख कह दिया इनसेअपनी हर खुशी बता दी, बांट ली। माँ बाज़ार से नही खरीद पाती थी महँगे खिलौनेपुराने सफेद साये से बना देती ... Read More...

कैंसर

पापा को कैंसर था। उनके बाद गुज़रा हुआ वक़्त, अब उनके साथ गुज़ारे हुए वक़्त से ज़्यादा हो गया है। वो क्या थे? वो कैसे बात करते थे? मैं कुछ पक्के तौर पर नहीं कह सकता। बस कुछ थोड़ी सी खुशनुमा सी यादें है; उनका मुझे गोद में उठाकर ज़ोर से हँसने की; वो बाहर ग... Read More...