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क्रॉसड्रेसर - एक कविता | तस्वीर: वेंकट रामदास | सौजन्य: क्यूग्राफी |

क्रॉसड्रेसर – एक कविता

 कुछ काम मैंने औरतों की तरह किए कुछ नहीं, कई और फिर धीरे-धीरे, सारे   सबसे आखिर में जब मैं लिखने बैठा मैंने कमर सीधी खड़ी करके पंजों और ऐड़... Read More...
धनञ्जय चौहान

‘फीस में बढौतरी न मिटा पाई पढने की जिज्ञासा’

पंजाब विश्वविद्यालय का घटनाक्रम - मेरी नज़र में (अप्रैल २०१७ में लिखित) मैं धनञ्जय मंगलमुखी पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ की प्रथम ट्रांसजेंडर विद्यार्थी हूँ। मै... Read More...
'तथाकथित से संवैधानिक तक' | तस्वीर: अमन अल्ताफ | सौजन्य: क्यूग्राफी |

संपादकीय: ‘तथाकथित’ से ‘संवैधानिक’ तक: व्यक्तिगतता की जीत ने जगाई लैंगिकता अल्पसंख्यकों में आशा की किरण

“निजिता या व्यक्तिगतता एक आतंरिक और मूलभूत अधिकार है”। भारतीय उच्चतम न्यायलय के ९ न्यायाधीशों के संविधान पीठ ने आज २४ अगस्त २०१७ को यह ऐतिहासिक फैसला दिया। संवि... Read More...
'सिसक' (एक कविता) | तस्वीर: हृषिकेश पेट्वे | सौजन्य: क्यूग्राफी |

सिसक – एक कविता

रोशनदानों की रोशनी सी पुलक-पुलक मैंने इबादत पढ़ी है जो परवरदिगार इसका तू और आयात तेरे अफ़साने। जावेदा-सी नहीं है ये शमा कोई, तेरी जुस्तजू में आफ़ताब-सा मेरा हिय... Read More...
'वापसी' (२/२) | तस्वीर: ग्लेन हेडन |

“वापसी” एक शृंखलाबद्ध कहानी (भाग २/२)

कहानी की पहली किश्त यहाँ पढ़ें। उसका घर, घर जैसा था। फिर बातें हुई, बहुत-सी बातें, कुछ जरुरी थी, कुछ ग़ैर-जरुरी, कुछ याद हैं, बहुत-सी नहीं भी। उन बातो का सार यही... Read More...
'वापसी' (१/२) | तस्वीर: क्लेस्टन डीकोस्टा | सौजन्य: क्यूग्राफी |

“वापसी” एक शृंखलाबद्ध कहानी (भाग १/२)

एक सपना हर रात आता है। अँधेरा-सा कॉरिडोर है। कोने पर लिफ्ट है। गरदन झुकाये मैं चला जा रहा हूँ। आवाज़ आती है।  "एक ही प्रेस करना, ज़ीरो नहीं।"  कोई चेहरा नहीं। बस ... Read More...
पॉल एक गाथा (८/८) | तस्वीर: फेबियन हार्टवेल |

“पॉल – एक गाथा” – श्रृंखलाबद्ध कहानी (भाग ८/८)

यह एक वास्विक घटनाओ से प्रेरित परन्तु काल्पनिक कहानी है। तस्वीरें केवल प्रस्तुतीकरण हेतु हैं  उनमें दर्शाए गए लोगों का कथा से कोई संबंध नहीं है। इस कहानी की पिछ... Read More...
'पॉल एक गाथा' (७/८) | तस्वीर: फेबियन हार्टवेल | तस्वीर केवल प्रस्तुतीकरण हेतु'पॉल एक गाथा' (७/८) | तस्वीर: फेबियन हार्टवेल | तस्वीर केवल प्रस्तुतीकरण हेतु|

“पॉल – एक गाथा” – श्रृंखलाबद्ध कहानी (भाग ७/८)

 यह एक वास्विक घटनाओ से प्रेरित परन्तु काल्पनिक कहानी है। तस्वीरें केवल प्रस्तुतीकरण हेतु हैं और उनमें दर्शाए गए लोगों का कथा से कोई संबंध नहीं है। इस कहानी की ... Read More...
पॉल एक गाथा (६/८) | तस्वीर: रणजीत कुमार | गेलेक्सी हिंदी |

“पॉल – एक गाथा” – श्रृंखलाबद्ध कहानी (भाग ६/८)

शाम को ड्यूटी ख़तम होने के बाद मैं पॉल के वार्ड में गया। वो अभी भी सो रहा था। दवाई का असर था। मैं उसके पास बैठा था। तभी उस वार्ड के कम्पाउंडर ने मुझे आकर कहा: "भ... Read More...
'पॉल एक गाथा' (३/८) | तस्वीर: फेबियन हार्टवेल |

“पॉल – एक गाथा” – श्रृंखलाबद्ध कहानी (भाग ३/८)

कहानी 'पॉल एक गाथा की पिछली कड़ियाँ यहाँ पढ़ें: भाग १ | भाग २ | प्रस्तुत है भाग ३: उसने मेरी तरफ देखा और मुस्कराते हुए अपना हाथ मेरी तरफ बढ़ा दिया। मैंने भी उस... Read More...

‘गे संबंधो के लिए असहजता और मजाक क्यों?’

बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल की फोटो सोशल मिडिया पर प्रसारित हो रही है, जिसके कैप्शन में लोग उन्हें गे कपल क... Read More...