Gay Poem

delhi pride

Poem : Proud of Being Me

They say am cursed, am a sinner, Yes I am, in all glamour. They say am against God, am not pious, Yes I am not, I love being inauspicious.
Krishna

कविता: सारथी

हर प्रेमकहानी में राधा कृष्ण नहीं होते।कुछ प्रेमकहानियों मेंं कृष्ण और अजुर्न भी होते हैं...मेरा तात्पर्य किसी समलैंगिक रिश्ते से नही है... मेरा सिर्फ इतना ... Read More...

कविता : इक गे की अधूरी कहानी…

दुपट्टा मम्मी का लेकर , कभी साड़ी पहनता थाकभी बहनो के संग में वो, घर घर खेल लेता थाअगर खेलेगा ये, तो मैं नहीं खेलूंगा दोस्तोंबड़े भाई की ईग्नोरेनंस, वो अक्सर झ... Read More...