प्यार

कविता : नदी के किनारे

नदी के दो किनारे थे हम, एक दूसरे से बिल्कुल अलग। हमारा एक होना, लगभग नामुमकिन और हमारा एक होना, मतलब नदी का अंत।

कहानी: बहुत प्यार करते हैं तुमको सनम

आज दूसरा दिन था जब उसने मेरा फ़ोन नहीं उठाया था। मैं हर बार करता और वह नहीं उठाता। उसने मुझसे वादा किया था की वह कोई और कैब नहीं चलाएगा, ऐसा इसलिए क्योंकि वह एक... Read More...

वो आख़िरी मुलाकात…

नमन ने कपड़े पहने और जाने के लिए तैयार हो गया। जैसे ही वह दरवाजे से बाहर निकला, मैने उसे आखिरी बार देखा और उसे एक मुस्कान दी। जैसे ही दरवाज़ा बंद हुआ, मैं ज़ोर ... Read More...

4 साल के रिश्ते में आयी दूरियों को हमने कुछ ऐसे मिटाया…

यह दूसरी बार था, जब मैंने उसे ग्राइंडर पर पकड़ा था। अभी उसे बताना नहीं चाह रहा था क्योंकि उसकी परीक्षा चल रही है। इंतज़ार कर रहा था कि कब उसकी परीक्षा ख़त्म हो और... Read More...
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कविता : लड़का हूँ और लड़के से प्यार करता हूँ

ये कहानी नहीं एक हकीकत हैं ये कहानी नहीं एक हकीकत हैं कागज़ पेन से नहीं, दिल से बयां करता हूँ।लड़का हूँ और लड़के से प्यार करता हूँ।। समलैंगिक हूँ कोई अभिशाप न... Read More...
'नर्म हाथ' - एक लघुकथा | तस्वीर: ग्लेन हेडन

नर्म हाथ (एक लघुकथा)

इतने सालो में सब बदल गया होगा: उसकी हँसी, उसकी बातें, सब बदल गया होगा। अब वो मिले तो शायद मुझे नए सिरे से अपनी तलाश शुरू करनी होगी... कि 'वो है... या नहीं ?'।
'कल रात' - एक कविता , छाया: आकाश मंडल, सौजन्य: QGraphy

‘कल रात’ (एक कविता)

वह थी हकीक़त या ख़्वाब जो देखा था कल रात को सुबह उठकर न भूली मैं तो उस बीती बात को सदियों से जैसे बिछड़े वैसे हम दोनों मिले थे और गुज़ारे चाँद लम्हें जैसे वह... Read More...
सागर और राजेश - एक कहानी

‘सागर और राजेश’ – एक कहानी (भाग २/२)

इस कहानी का पहला भाग आप यहाँ पढ़ें । दूसरा और आखरी भाग: अपना दूसरा हाथ, सागर ने रिक्शावाले के कंधे पर रखा । रिक्शावाले के कंधे भालू जैसे बड़े और बोझल थे । सागर ... Read More...
Sagar & Rajesh - A Story

‘सागर और राजेश’ – एक कहानी (भाग १/२)

सागर और राजेश: एक कहानी। तस्वीर: सचिन जैन। शुक्र है दुकानों में खरीदारों की भगदड़ नहीं मची थी। सागर के चश्मे पर भांप जम गई। अभी-अभी वह ४२२ नंबर की ठंडी ए.सी. ब... Read More...