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'लिहाफ मेरे मोहल्ले में | छाया: बिनीत पटेल | सौजन्य: QGraphy

लिहाफ़ मेरे मोहल्ले में…

'लिहाफ मेरे मोहल्ले में '| छाया: बिनीत पटेल | सौजन्य: QGraphy हमारे घर के सामने एक छोटी-सी किताबों की दुकान/ लायब्रेरी हुआ करती थी। किताबों की छोटी-सी दुकान म... Read More...

“अलीगढ़”: विलक्षण और साहसी

श्रीणिवास रामचन्द्र सिरास अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में मराठी के प्राध्यापक, और आधुनिक भारतीय भाषा विभाग के अध्यक्ष थे। "अलीगढ़" (हिंदी, २६ फरवरी २०१६ को प्रदर... Read More...
तस्वीर: बृजेश सुकुमारन

बोझ नज़र का – एक कविता

तस्वीर: बृजेश सुकुमारन -  अक़ीला  ख़ान तुम्हारी नज़र मुझमे ऐसी गड़ी ठिटक कर मैं साकित-सी रह गई खड़ी कोई नश्तर-सा पेवस्त बदन में हुआ निगले जाने का अहसास तन में ... Read More...
homosexual man india

क्या समलैंगिकता प्राकृतिक है?

"मैं नैसर्गिक हूँ" (तस्वीर: बृजेश सुकुमारन) मैं एक पुरुष हूँ, और पुरुषों के प्रति आकर्षण मेरे लिए पूर्णतः स्वाभाविक है   कुछ लोगों की धारणा है के प्रकृ... Read More...