Poetry

तस्वीर: बृजेश सुकुमारन

बोझ नज़र का – एक कविता

तस्वीर: बृजेश सुकुमारन -  अक़ीला  ख़ान तुम्हारी नज़र मुझमे ऐसी गड़ी ठिटक कर मैं साकित-सी रह गई खड़ी कोई नश्तर-सा पेवस्त बदन में हुआ निगले जाने का अहसास तन में ... Read More...
india protests against Supreme Court decision

काव्यात्मक प्रतिवाद

समानता का प्रस्ताव ३७७ में बदलाव (तस्वीर: बृजेश सुकुमारन)   जो बात उड़ चली वह फिरसे दफ़न नहीं होती   रविवार, १५ दिसंबर २०१३ को भारत और विश्व के व... Read More...